Friday, July 9, 2010

खजूर एवं इमली की चटनी

खजूर एवं इमली की चटनी






सामग्री:---

इमली-१०० ग्राम
चीनी---५० ग्राम
खजूर---५० ग्राम
जीरा ---१/२चम्मच(भुना हुआ)

गरम मसाला, नमक,काली मिर्च,लाल मिर्च पावडर( स्वादानुसार)

विधि;

 इमली को धोकर साफ़ पानी मे १० मिनट तक भिगो दें और पानी सहित ही पकाले।
पकने के बाद छ्लनी मे छान ले।
अब एक बर्तन मे बारीक कटी खजूर डालें ओर सभी सामग्री डाल दें।
इसके बाद छनी इमली को डाल दें और गाढ़े होने तक  पकायें।
जब गाडा हो जाये तो भुना जीरा डाल दे ओर बोतल मे भर दे
लीजिये तैयार है चटपटी खजूर व इमली की चटनी।

 आप बनाके इसका मजा ले पापडी चाट के साथ ।

स्वर्णलता

17 comments:

  1. चटनी बहुत बढ़िया बनी है दी। मगर गलती से चिट्ठाजगत पर मेरी तस्वीर आ गई। खैर आप भी पहले ऎसी ही तो लगती थी। मैने बदल तो दी है अगली बार जब लिखेंगे तो आपकी तस्वीर ही आयेगी।

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  2. भाई चटनी के बारे में पढ़कर ... अच्छा लगा. ..अभी बनवाता हूँ . कृपया नारियल की चटनी के बारे में भी आगे जरुर बताये...

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  3. तलाश जिन्दा लोगों की ! मर्जी आपकी, आग्रह हमारा!!
    काले अंग्रेजों के विरुद्ध जारी संघर्ष को आगे बढाने के लिये, यह टिप्पणी प्रदर्शित होती रहे, आपका इतना सहयोग मिल सके तो भी कम नहीं होगा।
    =0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=0=

    सागर की तलाश में हम सिर्फ बूंद मात्र हैं, लेकिन सागर बूंद को नकार नहीं सकता। बूंद के बिना सागर को कोई फर्क नहीं पडता हो, लेकिन बूंद का सागर के बिना कोई अस्तित्व नहीं है। सागर में मिलन की दुरूह राह में आप सहित प्रत्येक संवेदनशील व्यक्ति का सहयोग जरूरी है। यदि यह टिप्पणी प्रदर्शित होगी तो विचार की यात्रा में आप भी सारथी बन जायेंगे।

    ऐसे जिन्दा लोगों की तलाश हैं, जिनके दिल में भगत सिंह जैसा जज्बा तो हो। गौरे अंग्रेजों के खिलाफ भगत सिंह, सुभाष चन्द्र बोस, असफाकउल्लाह खाँ, चन्द्र शेखर आजाद जैसे असंख्य आजादी के दीवानों की भांति अलख जगाने वाले समर्पित और जिन्दादिल लोगों की आज के काले अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ बुद्धिमतापूर्ण तरीके से लडने हेतु तलाश है।

    इस देश में कानून का संरक्षण प्राप्त गुण्डों का राज कायम हो चुका है। सरकार द्वारा देश का विकास एवं उत्थान करने व जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा खडा करने के लिये, हमसे हजारों तरीकों से टेक्स वूसला जाता है, लेकिन राजनेताओं के साथ-साथ अफसरशाही ने इस देश को खोखला और लोकतन्त्र को पंगु बना दिया गया है।

    अफसर, जिन्हें संविधान में लोक सेवक (जनता के नौकर) कहा गया है, हकीकत में जनता के स्वामी बन बैठे हैं। सरकारी धन को डकारना और जनता पर अत्याचार करना इन्होंने कानूनी अधिकार समझ लिया है। कुछ स्वार्थी लोग इनका साथ देकर देश की अस्सी प्रतिशत जनता का कदम-कदम पर शोषण एवं तिरस्कार कर रहे हैं।

    आज देश में भूख, चोरी, डकैती, मिलावट, जासूसी, नक्सलवाद, कालाबाजारी, मंहगाई आदि जो कुछ भी गैर-कानूनी ताण्डव हो रहा है, उसका सबसे बडा कारण है, भ्रष्ट एवं बेलगाम अफसरशाही द्वारा सत्ता का मनमाना दुरुपयोग करके भी कानून के शिकंजे बच निकलना।

    शहीद-ए-आजम भगत सिंह के आदर्शों को सामने रखकर 1993 में स्थापित-भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)-के 17 राज्यों में सेवारत 4300 से अधिक रजिस्टर्ड आजीवन सदस्यों की ओर से दूसरा सवाल-

    सरकारी कुर्सी पर बैठकर, भेदभाव, मनमानी, भ्रष्टाचार, अत्याचार, शोषण और गैर-कानूनी काम करने वाले लोक सेवकों को भारतीय दण्ड विधानों के तहत कठोर सजा नहीं मिलने के कारण आम व्यक्ति की प्रगति में रुकावट एवं देश की एकता, शान्ति, सम्प्रभुता और धर्म-निरपेक्षता को लगातार खतरा पैदा हो रहा है! अब हम स्वयं से पूछें कि-हम हमारे इन नौकरों (लोक सेवकों) को यों हीं कब तक सहते रहेंगे?

    जो भी व्यक्ति इस जनान्दोलन से जुडना चाहें, उसका स्वागत है और निःशुल्क सदस्यता फार्म प्राप्ति हेतु लिखें :-

    (सीधे नहीं जुड़ सकने वाले मित्रजन भ्रष्टाचार एवं अत्याचार से बचाव तथा निवारण हेतु उपयोगी कानूनी जानकारी/सुझाव भेज कर सहयोग कर सकते हैं)

    डॉ. पुरुषोत्तम मीणा
    राष्ट्रीय अध्यक्ष
    भ्रष्टाचार एवं अत्याचार अन्वेषण संस्थान (बास)
    राष्ट्रीय अध्यक्ष का कार्यालय
    7, तँवर कॉलोनी, खातीपुरा रोड, जयपुर-302006 (राजस्थान)
    फोन : 0141-2222225 (सायं : 7 से 8) मो. 098285-02666
    E-mail : dr.purushottammeena@yahoo.in

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  4. हम्म मैं तो बना नहीं सकता पर स्वाद निश्चय ही अच्छा लगता है

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  5. इस तरह की गलतियां भी करती हो।

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  6. बढ़िया चटनी...हम समझे सुनीता शानू चटनी बना रही हैं. :)

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  7. swagat hai blogjagat me, shubhkamnayein

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  8. रेसिपी पढते ही मुंह में पानी आ गए !!

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  9. धन्यवाद.मुझे खाना पसंद है और उससे सम्बंधित ब्लॉग भी.
    नई नई रेसिपियों के बारे में बताते रहें.

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  10. हिंदी ब्लाग लेखन के लिए स्वागत और बधाई
    कृपया अन्य ब्लॉगों को भी पढें और अपनी बहुमूल्य टिप्पणियां देनें का कष्ट करें

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  11. इस नए सुंदर से चिट्ठे के साथ हिंदी ब्‍लॉग जगत में आपका स्‍वागत है .. नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

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  12. सुनीता जी और आपको नमस्कार
    सुनीता जी बहुत दिनों से आपकी गैर हाजरी लग रही है:)
    आपका ब्लाग जगत में स्वागत है।
    नियमित लेखन के लिए शुभकामनाएं !!

    पढिए एक प्रेम कहानी

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  13. We've been making Imli ki Chutney, but this time i actually tried by the way as mentioned by you... and you know what, this one is different and has a very nice taste bcoz of the use of Khajoor.... I suggest the readers to definetely try this out!!!

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  14. आप सभी को बहुत-बहुत धन्यवाद। अभी दीदी को कमैंट करना आता नही है। लेकिन जल्द ही आप सभी के सहयोग से सीख जायेंगी। धन्यवाद।

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  15. नमस्कार

    आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद। ब्‍लॉग जगत का हिस्सा बनकर मै बहुत खुश हूं। सुनीता के प्रोत्साहन पर ही मै यह कर पाई,अब आगे आप सब के सहयोग एवम प्रोत्साहन कि मुझे जरुरत पडॆगी।

    धन्यवाद

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  16. " बाज़ार के बिस्तर पर स्खलित ज्ञान कभी क्रांति का जनक नहीं हो सकता "

    हिंदी चिट्ठाकारी की सरस और रहस्यमई दुनिया में राज-समाज और जन की आवाज "जनोक्ति.कॉम "आपके इस सुन्दर चिट्ठे का स्वागत करता है . चिट्ठे की सार्थकता को बनाये रखें . अपने राजनैतिक , सामाजिक , आर्थिक , सांस्कृतिक और मीडिया से जुडे आलेख , कविता , कहानियां , व्यंग आदि जनोक्ति पर पोस्ट करने के लिए नीचे दिए गये लिंक पर जाकर रजिस्टर करें . http://www.janokti.com/wp-login.php?action=register,
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