Wednesday, July 20, 2011

करोंदे का अचार

अचार खाने के स्वाद भूख दोंनों को बढ़ा देते हैं, और यदि घर में कई प्रकार के अचार हो, तब तो बहुत ही अच्छा है. इस समय करोंदे बाजार में आ रहे हैं. करोंदे  का अचार बहुत ही स्वादिष्ट बनता है. आइये करोंदे का अचार  बनायें.


सामग्री *****
करोंदे  - ५०० ग्राम
हरा मिर्च-१०० ग्राम
तेल - २५०  ग्राम
हींग -  २ ग्राम
हल्दी पाउडर - १० ग्राम
सोंफ -२५  ग्राम
मेथी-१० ग्राम
मगैरल-१० ग्राम
पीली सरसों,राई-२५ ग्राम
नमक - १०० ग्राम
लाल मिर्च -  १० ग्राम

विधि *** करोंदे को पानी से   धोकर साफ कर लीजिये| थाली या चलनी में रखकर पानी सुखा दीजिये. अब इन करोंदों को दो भागों मे काट लीजिये करोंदे में  से  बीज  चाकू की सहायता से निकाल दीजिये।
मगैरल को वैसे ही रखे भुने नही,सरसो(राई) को बारिक पीस लीजिये।

सभी मसालो को भुनकर पीस ले हिन्ग को थोडे से तेल मे भुन लीजिये।
अब सभी मसालो को व करोंदोको मिला लीजिये।
कढ़ाई में तेल डाल कर गरम कर लीजिये.  गैस बन्द कर दीजिये।तेल ठंडा होने पर अचार मे मिला दीजिये।
 ये करोंदे का अचार बन गया है। करोंदे का अचार को ठंडा होने के बाद, किसी कांच या प्लास्टिक के कन्टेनर में भर कर रख दीजिये।

यदि आप अचार को धूप में रख सकें तो, अचार के डिब्बे को 4-5 दिनों तक धूप में रखिये      
और रोजाना अचार को दिन में एक बार चमचे की सहायता से ऊपर नीचे कर दीजिये.  यदि आप धूप में नहीं रख सकते हैं,तो भी अचार को रोजाना ऊपर नीचे करते रहैं और आप चाहे तो 5-6 दिन बाद  उस में एसेटिक एसीड मिला दीजिये  इससे अचार काफ़ी दिनो तक ताजा रह्ता है।लीजिये अब आप भी बनाइये और खिलाइये

करेले का अचार

       
करेले का भरवां अचार***


करेले को भरवां और  गोल काट कर दोनों तरह के अचार बनाया जाता हैं
भरवा करेले का अचार बनाने के लिये छोटी किस्म के करेले लेने होंते है और कटे हुये करेले बनाने के लिये छोटे या लम्बे किस्म कोई भी करेले लिये जा सकते हैंतो आइये बनाते है करेले का अचार
सामग्री -
करेले - 500 ग्राम  
जीरा - 2 छोटी चम्मच
मैथी - 2 टेबल स्पून
मगैरल-2 टेबल स्पून
सोंफ - 4 टेबल स्पून
राई या पीली सरसों - 2 टेबल स्पून
हल्दी पाउडर - 1 टेबल स्पून
लाल मिर्च -  1 टेबल स्पून
काला नमक - 1 छोटी
सादा नमक -  2 टेबल स्पून
गरम मसाला - आधा छोटी चम्मच
सरसों का तेल - 200 ग्राम (एक कप)
सिरका - एक टेबल स्पून या 2 नीबू का रस
हींग - आधी चम्मच
कच्चा आम - १आम

विधि**
करेलों को साफ पानी से 2 बार धो लीजिये.
धुले हुये करेलो को चलनी या थाली में रख कर पानी को सुखा लीजिये। डंठल काट कर अलग कर दीजिये हल्का हल्का उपर से छिल लीजिये। करेले को पतले पतले गोल कतरे काट कर बना लीजिये या साबुत ही लम्बाई मे चीर लिजीये।

इन करेलो को 1 छोटी चम्मच नमक  व हल्दी लगाकर किसी बर्तन में 1 घंटे के लिये  रख दीजिये, इस तरह करेले से कड़्वा पानी निकल कर अलग हो जाता है। अब इन नमक लगे करेले को उबलते पानी डालिये और 5 मिनिट के लिये ढक कर रख दीजिये, करेलों को चलनी में डालिये ताकी  अतिरिक्त पानी निकल जाये। करेले को टुकड़ों को हवा या धूप में 2 -3 घंटे के लिये धुले साफ कपड़े पर फैला कर रख दीजिये ताकि इनका सारा पानी सूख जाय।

हींग, जीरा, मैथी और सोंफ को सूखा हल्का ब्राउन होने तक भून लीजिये, ये भूने मसाले और पीली सरसों को पीस लीजिये,बचे हुये सभी मसाले- आम का कद्दुकस किया गुदा व थोडा सा तेल मिलाकर करेलो मे भर दीजिये।और मर्तबान में भर दीजिये।
आप चाहे तो करेलो को धागे से बाध भी सकते है इससे मसाला बाहर नही निकले गा

आम नही है तो नीबू का रस निकाल कर डालिये
चार दिन तक रोजाना अचार को सूखे चम्मच से चला कर ऊपर नीचे कीजिये  यह बड़ा ही स्वादिष्ट अचार बनता है.

आप अगर जल्दी खाना चाहते है तो कडाही मे तेल गरम करके करेले उस में थोडे भुन लीजिये बस अचार तैयार है

यह करेले का अचार 15 -20 दिन तक खाया जा सकता है, अधिक दिन तक अचार खाने के लिये आप इस अचार में ज्यादा सरसों का तेल डाल दीजिये कि अचार तेल में डुबा रहे।

Tuesday, July 19, 2011

आम का हींग वाला अचार



आम का हींग वाला अचार****


 सामग्री -
कच्चे आम - 1 किलो
नमक - 100 ग्राम
हल्दी पाउडर - 2 छोटी चम्मच
हींग – 1 छोटी चम्मच
लाल मिर्च पाउडर -1 छोटी चम्मच
सरसों का तेल – 4-5 टेबल स्पून

विधि -
आम को साफ पानी से धो लीजिये। पानी को सुखाकर  छील लीजिये।  आम के छोटे छोटे टुकड़े में काट लीजिये।

सुखा साफ कांच या प्लास्टिक का जार लीजिये, आम के टुकड़े जार  में डालकर, नमक और हल्दी पाउडर डाल दीजिये, चमचे से अच्छी तरह मिलाकर  बन्द करके धूप में रख दीजिये।
 अगर धूप नही हो तो ये धूप के बिना भी रखा जा सकता है। अचार को  चमचे से चला कर ऊपर नीचे कर दीजिये.

2 दिन बाद इस अचार में हींग पीस कर, लाल मिर्च पाउडर और सरसों का तेल गरम करें और ठंडा करके मिला दीजिये.
                                                                                                   

आम का हींग वाला अचार तैयार है,  4-5 दिन बाद अचार तैयार हो जायेगा और अचार का स्वाद हफ़्ते भर बाद और अच्छा हो जाता है.ये अचार बहुत जल्द खाने के लिये तैयार हो जाता है और तेल भी बहुत कम काम मे आता है ज्यादा दिन तक रखना चाहते है तो या तो फ़िज में या फ़िर तेल ज्यादा डाल के रखे कई दिन तक ठिक रहेगा।

 इस अचार को आप  खट्टा मिट्ठा भी बना सकते है
यदि  खट्टा मिट्ठा अचार पसन्द करते हों तो जब आम को नमक हल्दी में गलने के बाद इसमें लाल मिर्च और हींग के साथ  100 ग्राम चीनी मिला दें।  आम के खट्टा मिट्ठा अचार में सरसों का तेल नहीं मिलाया जाता.

लिजीये आम का हींग का खट्टा मिट्ठा अचार तैयार  है।

Saturday, July 9, 2011

शलगम का अचार



सामग्री - 
शलगम----500ग्राम
नमक---1बडा चम्मच
लाल मिर्च----1 चम्मच
हल्दी---1 चम्मच
राई---25ग्राम
सौफ़--50-ग्राम
सरसो का तेल---200ग्राम
विधि----
शलगम को साफ़ पानी से धोकर साफ़ कपडे पर फ़ैला दीजिये ।
पानी सुख जाने पर शलगम को   4,5 टुकडो में काट  लीजिये | कटे टुकडो को उबले पानी में३,५ मिनट के लिये डाल कर मुलायम कर लीजिये। शलगम को साफ़ कपडॆ पर फ़ैला दीजिये ताकी पानी सोख जाये। सभी मसाले मिला दीजिये।                                         


सरसो के तेल को गरम करके अचार मे मिला दीजिये और शलगम  अचार को   कांच के किसी जार में भर कर रख लीजिये
 3,4 दिन में अचार भी खाने के लिये तैयार है 


सभी  अचार को एक दो दिन तक थोडी देर के लिये धुप मे रख देना चाहिये

धूप मे रखने  से ठीक रह्ता है परन्तु नही है तो भी चले गा बस ३,४ दिन तो रह जायेगा परन्तु उस से ज्यादा रखने पर आप २,३ग्राम साइट्रिक एसीड( citric acid )या सिरका मिला दीजिये  जिस से खराब नही होगा 



Friday, July 8, 2011

नीबू का मसालेदार अचार

नीबू का मसालेदार अचार    
भारतीय खाने में अचार और चटनी का विशेष स्थान है, अगर अचार खाने के साथ रहता है तो खाने वालों की भूख बढ़ जाती है

सामग्री ***
    नीबू --- 1 किग्रा.
    नमक---- 200 ग्राम
    काला नमक--- 50 ग्राम
    जीरा - 2 ,3छोटी चम्मच
    अदरक--५०ग्राम
    मैथी--- 1 छोटी चम्मच
    काली मिर्च ---- 2 छोटी चम्मच
    लौंग --- 4,5
    बड़ी इलाइची --- 4,5


विधि****

नीबू के अचार बनाने के लिये, बाजार से अच्छे किस्म के पतले छिलके वाले, बिना धब्बों वाले नीबू ले लीजिये
नीबू को साफ पानी से धोइये,  सूखे साफ कपड़े से पोछिये, एक नीबू को 4  टुकड़े या जैसे आपको पसन्द हों काट लीजिये, उनके अन्दर के सारे बीज चाकू की सहायता से निकाल दीजिये।
फ़िर सब फ़ाकों को  थोडा सा मसल दीजिये।

मसालो को साफ़ करके   दरदरा पीसलें और सबको एक साथ मिलाकर जार में भर दीजिये ६ -७ नीबू का रस निचोड़ कर इस अचार में और मिला दीजिये ताकि नीबू सूखे न रहें.और रस में अचार डुबा रहे।

दो तीन दिन के अन्दर सारा मसाला नीबू के अन्दर अच्छी तरह पहुंच जाता है, लीजिये आपका मसाले वाला नीबू का अचार तैयार हैं.

आम का मीठाअचार



अभी आम का मौसम चल रहा है, बच्चो को मीठे अचार और मुरब्बा बहुत पसन्द आते है, तो आइये आज आम का मीठाअचार  बनाते है
सामग्री ***
आम *** 1 किग्रा.
चीनी ***1.5 किग्रा
सोंफ ****1 टेबल स्पून
नमक ***2 टेबल स्पून
लाल मिर्च***1टेबल स्पून

विधि****
मीठे आम के अचार के लिये आम थोडे बडे व गुदेदार लीजियेगा
आम का अचार दो तरह से डाल सकते है--कद्दुकस करके या छोटे-छोटे टुकडो में काट कर
आमों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लीजिये। धुले हुये आमों को कपडे  में रखकर पानी सुखा लीजिये।
इन आमों को पीलर से छील लीजिये.

अब इन आम को  कद्दूकस कर लीजिये  या छोटे-छोटे टुकडो में काट लीजिये
कटे आम मेंचीनी डाल कर 8,10घटें के लिए कांच के जार में भरकर,कपडे से बांध कर रखदे।
आमों से रस निकल आता है, और चीनी इस रस में घुल जाती है.आम में लाल मिर्च,मगरैल,सौफ़ को हल्का सा भुन कर डाल दीजिये
इस चीनी और आम के मिश्रण को कढ़ाई में डालकर गैस  पर चमचे से चलाते हुये पकाइये.
करीब 15- 20 मिनिट में यह मिश्रण गाढ़ा हो जाता है. चाशनी गाढी हो जाती है।
ठंडा होने के बाद इसे कांच के किसी जार में भर कर रख लीजिये
अब आपका या बच्चों का जब  भी मन हो परांठे, चपाती के साथ मे मीठे अचार का आंनद लीजिये

इस अचार को आसानी से माइक्रोवेव मे भी बना सकते है
आमों से रस निकल आता है, और चीनी इस रस में घुल जाती है.आम में लाल मिर्च,मगरैल,सौफ़ को हल्का सा भुन कर डाल दीजिये इस के बाद मिक्स को माइक्रोवेव सैफ़ बर्तन मे डाल कर माइक्रोवेव मे १००% पावर पे ८-१० मिनट तक पका लीजिये बस अचार तैयार हो जाये गा

Thursday, July 7, 2011

नीबू का सादा अचार



भारतीय खाने में अचार और चटनी का विशेष स्थान है, अगर अचार खाने के साथ रहता है तो खाने वालों की भूख बढ़ जाती है इसलिये हमारे खाने में तरह तरह के अचार का व मुरब्बे का प्रयोग रहता  हैं.आइये हम अलग अलग तरह के अचार बनाते है


नीबू का अचार कई तरीके से बनाया जाता है,नीबू का सादा अचार, नीबू का मसाले का अचार,  नीबू कामीठा अचार, साबुत नीबू का अचार,अदरक नीबू का अचार.हरी मिर्च व नीबू का अचार अनेक तरह के.....
आइये आज हम नीबू का साधारण,  अचार बनाते है
नीबू का सादा अचार -

नीबू - 1 किग्रा.
 
नमक - 200 ग्राम
   
लाल मिर्च---५०ग्राम

नीबू के अचार बनाने के लिये, बाजार से अच्छे किस्म के पतले छिलके वाले, बिना धब्बों वाले नीबू ले लीजिये\
नीबू को साफ पानी से धोइये,  सूखे साफ कपड़े से पोछिये, एक नीबू को 4  टुकड़े या जैसे आपको पसन्द हों काट लीजिये, उनके अन्दर के सारे बीज चाकू की सहायता से निकाल दीजिये

किसी काच, चिनी मिट्टी या प्लास्टिक के साफ और सूखे कन्टेनर में नीबू के टुकड़ों को भरदें, नमक और मिर्च भी मिला दीजिये।नमक और मिर्च को अच्छी तरह से  जार के ढक्कन को बन्द करके 20 दिन के लिये धूप में रख दीजिये। 2-3 दिन में एक बार जार को हिला कर नीबुओ के रस और मसाले को ऊपर नीचे कर दीजिये। नीबू का छिलका नरम हो जायेगा और नीबू का अचार भी खाने के लिये तैयार है  यह अचार काफी दिन चल जाता है

ध्यान रखने की बात यह है कि अचार को हमेशा सूखे चमचे से निकाल ना चाहिये।
ये अचार बहुत स्वादिष्ट और पाचक भी है



कटहल का अचार



कटहल का अचार 


सामग्री -  
 आम -१किलो  
कटहल - १किलो
नमक --२५०ग्राम
हल्दी -  १०ग्राम  
लाल मिर्च - १५ ग्राम
पीली सरसों--- २५ग्राम
हींग--- 2 पिंच
सौंफ ---२५ ग्राम
मगरैल( कलौंजी) ---१०ग्राम
मेथी ---१०ग्राम
बड़ी इलाइची----५
जीरा---५ ग्राम
सरसों का तेल - १/२किलो


विधि -
कटहल कच्चा और सफेद लीजिये, इसको दुकानदार से ही छिलवा कर लाइये घर मे छिलने में बहुत परेशानी होती है।  कटहल को धो लीजिये हाथों पर तेल लगा कर कटहल को बीजों से छिलके हटाते हुये काट लीजिये।

कटहल के टुकडो को उबलते पानी में५,७ मिनट उबाल कर मुलायम कर लें,अब कटहल के टुकडो को छ्लनी मे पलट कर झार दे
फ़िर कपडे पर फ़ैला दे ताकी पानी सोख जाये।सभी मसालो को साफ़ कर के बिना तेल के सुखी कडाही में भुन कर दरदरा पीस लीजिये।

कढ़ाई में तेल डाल कर गरम करिये  गैस बन्द कर के गरम तेल में पिसी हुई हींग डाल कर चम्मच से चला दीजिये  अब  को ठंडा होने के लिये रख दीजिये  कटहल में सभी मसाले  डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये।  फ़िर तेल भी डाल दीजिये- कटहल का अचार तैयार है.

अचार को किसी कांच के मर्तबान में भर कर रखिये.  पहले 3 दिन तक अचार को रोजाना दिन में एक बार सूखे चमचे से चला कर ऊपर नीचे कर के धूप में रख दीजिये । तीन दिन रखने के बाद  अचार खट्टा हो जायेगा जब भी चाहें कटहल का अचार  निकालिये और खाइये
अचार को ज्यादा समय के लिये रखने के लिये ५०-६० ग्राम साइट्रिक एसीड( citric acid  )या सिरका मिला दीजिये


ध्यान रहे कि अचार तेल में डुबा रहे ये अचार साल भर तक इस तरह से ठीक रहेगा।



Wednesday, July 6, 2011

आम का खट्टा अचार





भारतीय खाने में अचार और चटनी का विशेष स्थान है, अगर अचार खाने के साथ रहता है तो खाने वालों की भूख बढ़ जाती है इसलिये हमारे खाने में तरह तरह के अचार का व मुरब्बे का प्रयोग रहता  हैं.आइये हम अलग अलग तरह के अचार बनाते है

आम  के सबसे अधिक लोकप्रिय अचार में से एक हैआम का खट्टा आचार   इसे बनाना बहुत ही आसान है. आईये आज आम का  अचार बनायें.
आम का खट्टा आचार

सामग्री
   आम ---२ किलो
   नमक ---५००ग्राम
   सरसों तेल ---१किलो-या ७५० ग्राम
आचार का मसाला--
   सौंफ ---सौ ग्राम
मगरैल( कलौंजी) ---५०ग्राम
   मेथी ---५०ग्राम
   हल्दी पाउडर –२० ग्राम
   हींग –थोड़ी सी
   सरसों दाना –100ग्राम
   लाल मिर्च –50 ग्राम
 अचार का मौसम चल रहा है क्यून हम भी अचार डालें हम आम का अचार डालते है।
बाजार से आम चुन कर ले आइये. साफ पानी से 2 बार धो लीजिये। पानी से निकाल कर किसी चलनी में रखें और उनका पानी सूखने दीजिये।फ़िर किसी साफ़ कपडे पर फ़ैला दीजिये ताकी पुरा पानी निकल जाये साफ़ कपडॆ से रगड के पोछ लिजीये।

अब आम को सरोते से 4,6 टुकडो में काट लिजीये आज कल बाजार मे कटे हुये भी मिल जाते है अब आम की गुठ्ली निकाल दें।
आम की फाकों में 2 टेबल स्पून नमक, 1 टेबल स्पून  हल्दी पाउडर मिला कर किसी कांच या प्लास्टिक के साफ सूखे कन्टेनर में भर कर  धूप में  रख दीजिये दूसरे दिन आम की फ़ांक से पानी अलग हो जाये गा पानी को उसी में रहने दीजिये-बहुत से लोग सुखा अचार खाना पसंद करते है तो पानी निकाल कर आम को धूप मे ५,६ घंटे घूप मे सूखा लेते है हम यहां पे पानी नही निकाल ते है इससे रंग चटक आता है और तेल भी कम लगताहै अचार मे सरसो का तेल ही अच्छा रहता है

सरसो के तेल को गरम करे।तेल अच्छी तरह से गरम हो जाये (जब झाग आने बन्द हो जायेतो) ठंडा करने के लिये रखदे

  सभी मसालों  को साफ कीजिये,आचार के सारे मसाले एक एक कर भून लीजिये और  दरदरा पीस लीजिये, पीली सरसों को भी मोटा पीस लीजिये बस सरसो और मगरैल को भुनना नही है मगरैल को    पीसना  नही है बस साफ़ कर के अचार मे मिला दीजीए     अब सब भुने मसालों को  कटे आम में मिलाकर रख दीजिये
 अचार मे मसाले अच्छी तरह से लग जाये इस लिये १-२ घटें के लिये  रख दीजिये

फ़िर अचार में तेल डालें   तेल इतना डालें की आचार डूब जाएँ

आम का अचार   निकालिये, परोसिये और खाइये. ये अचार साल भर तक रख कर खाया जा सकता है.



Saturday, July 2, 2011

बादाम का हलवा---



बादाम में गुणो का भंडार है  बादाम में प्रोटीन ,कैल्शियम, पोटेशियम और मैगनीशियम होता है इसमें विटामिन E प्रचुर मात्रा में पाया जाता है,  बादाम का हलवा बहुत स्वादिष्ट होता है आइये आज बनाते है

 बादाम का हलवा
सामग्री -
 बादाम -100 ग्राम( 1कप )
दूध -2 कप
चीनी - 75 -50 ग्राम( 1कप )
घी -  50 ग्राम( 1कप )
केसर - 15--20टुकड़े
इलाइची - 6-7छील कर बारिक पीसले
थोडॆ से काजू उपर से सजाने के लिये
विधि -
            बादाम को गरम पानी में  डाल कर रखिये, ये 2-3 घंटे में ही फूल जाते हैं.
भीगे हुये बादाम के छिलके उतार लीजिये।  छिले बादाम को मिक्सी में थोड़ा सा दरदरा पीस लीजिये थोडा पानी डाल कर या दूध डाल कर पीस लीजिये। नानस्टिक कढ़ाई लीजिये और  कढांही में  घी डाल कर गरम कीजिये  घी में बादाम का पेस्ट डालिये। मिश्रण को कलछी से लगातार चलाते हुये भूनिये। आचं मदी ही रखें पानी को हल्का गरम करके उसमें केसर डाल कर रखीये अलग से।
पेस्ट हल्का सुनहरी हो जाये तो चीनी  हलवे में डालकर चलायें।  दूध, व केसर  हलवे में मिला कर भूनते रहिये और हलवे को गाड़ा होने तक भूनीये   जब बादाम के हलवे से बहुत ही अच्छी गन्ध आने लगे और वह कढ़ाई के किनारों से भी नहीं चिपक रहा है तब  बचा हुआ घी भी हलवे में डाल कर मिला दीजिये बादाम हलवा बन कर तैयार है।थोडे से  काजू काट कर मिला दीजिये। आग बन्द कर के हलवे में इलायची डाल कर अच्छी तरह मिला दीजिये.काजू से सजा दीजियेस्वादिष्ट बादाम हलवा तैयार है,
बादाम हलवे को प्याले में निकाल कर गरमा गरमा  खाइये और  खिलाइये ये बादाम हलवा  बड़ा स्वादिष्ट लगता है.

Wednesday, June 29, 2011

सूजी का हलवा

आइये अब हम सूजी के हलवे को कडाही में बनाते है
जब भी कभी आपको तुरन्त मिठाई खाने का मन कर रहा हो तो आप सूजी का हलवा बना सकते हैं यह बहुत जल्द बन जाता है, सूजी या रवा का हलवा बनाने मे बहुत आसान है और खाने में बहुत स्वादिष्ट.

सूजी का हलवा
सामग्री***

सूजी - 1 कप
देशी घी -1/4 कप
चीनी-1/2 कप
काजू - 10
किशमिश- 5,7
छोटी इलाइची - 2,3
बादाम - 3,4
कसा नारियल - 2 चम्मच
पानी - 2 कप
विधि -
कढ़ाई मे घी डाल कर गैस पर रखिये ,घी गरम होने के बाद उसमें सूजी डाल दीजिये और कलछी की सहायता से चलाते हुये सूजी को भूनिये, 5 मिनिट बाद ही आप देखेंगे कि सूजी गुलाबी होने लगी सूजी को लगातार चलाते रहना है जब तक कि वह ब्राउन न हो जाय और सौधी-सौधी गधं आने लगेगी- जब गंध आने लगे और सूजी ब्राउन होने लगे तब पता लगता है कि सूजी भुन चुकी है।

सूजी भुनने के बाद पहले पानी और फ़िर चीनी डाल दीजिये मंदी आचं पर पर हलवे को पकने दीजिये। लगातार च्लाते रहिये काजू को काट लीजिये, किसमिस को डंठल तोड़ कर धो लीजिये, काजू और किसमिस हलवे में डाल कर मिला दीजिये और थोड़ी थोड़ी देर में चलाते रहिये, थोड़ी ही देर में रवेदार सूजी का हलवा तैयार हो जायेगा। गैस से उतार लीजिये और इलाइची पीस कर मिला दीजिये।

सूजी के हलवे को प्लेट में निकालिये, बारीक कतरे हुये बादाम और नारियल डाल कर सजा दीजिये. सूजी का हलवा तैयार है, गरमा गरम सूजी का हलवा खाइये।

Tuesday, June 28, 2011

सूजी का हलवा






जब भी कभी आपको तुरन्त मिठाई खाने का मन कर रहा हो तो आप सूजी का हलवा बना सकते हैं यह बहुत जल्द बन जाता है, सूजी या रवा का हलवा बनाने मे बहुत आसान है और खाने में बहुत स्वादिष्ट.

हलवा आप कढाही में भी बना सकते हैं और माइक्रोवेव में भी. माइक्रोवेव में बने सूजी का हलवा का स्वाद कढाही में बने सूजी के हलवे से थोडा सा अलग होता है.
आइये जरा हम आज माइक्रोवेव मे बनाते है*******
सूजी का हलवा
सामग्री***
सूजी - 1 कप
देशी घी -1/4 कप
चीनी-1/2 कप
काजू - 10
किशमिश- 5,7
छोटी इलाइची - 2,3
बादाम - 3,4
कसा नारियल - 2 चम्मच
पानी - 2 कप

एक माइक्रोवेव सेफ़ बाउल में पानी और चीनी को १००% पावर पर ५ मिनट के लिये उबाल कर चाशनी तैयार कर लिजीये
और अलग रख दिजीये।
अब एक माइक्रोवेव सेफ़ बाउल में घी को १००% पावर पर ३० सैकंडके लिए गर्म करिए अब इसमें सुजी डालकर१००% पावर पर भून लिजीये
एक बार बीच-बीच मे हिलादें।
अब गर्म चाशनी को इस भुनी हुई सुजी में धीरे-धीरे मिलादें। और १००% पावर पर ५ मिनट के लिये ढ्क कर पकाऎं।बीच-बीच मे हिलायें।

५मिनट तक ढ्क कर रखदिजीए। फ़िर किशमिश बादाम से सजा दिजीए। लिजीए तैयार है सूजी का स्वादिष्ट हलवा





Friday, June 17, 2011

मोतीचूर के लड्डू


लीजिये फ़िर कुछ मीठा बनाते हैमोतीचूर के लड्डू तो आप ने बहुत खाये होगें क्यो नही आज घर पे ही बनाये जाएं
बहुत आसान है


सामग्री

बेसन---500गाम

चीनी----450ग्राम

छोटी इलाइची - 5,6(छील कर कूट लीजिये

घी या रिफाइन्ड - बूंदी तलने के लिये.)

दुध--बेसन घोलने के लिये

बेकिग पाउडर---

केसर---१/२ ग्राम

घी---तलने के लिये
विधि---

बेसन और बेकिगं पाउडर को मिलायें छान कर२ बडे चम्मच घी और दूध में मिलाकर घोल बनाएं (यह घोल पानी से भी बना सकते है)तैयार घोल को 10-15 मिनिट के लिये ढककर रख दीजिये। घोल .में गुठलियां नहीं रहनी चाहिये बेसन का घोल बूंदी बनाने के लिये तैयार है.

घोल तैयार होने तक बूंदी के लिये चाशनी तैयार कर लेते हैं.

किसी बर्तन में चीनी और 450 ग्राम एक छोटा गिलास पानी मिलाकर डालिये, चाशनी बनने के लिये आग पर रखिये. चाशनी में उबाल आने के बाद दूध डालिये और जैसे ही चाशनी में झाग किनारे होने लगे उन्ह चमचे से उठाकर निकाल दीजिये, चाशनी एकदम साफ और अच्छी बनेगी. चाशनी को 6-7 मिनिट तक पकाइये और 2 तार की चाशनी तैयार कर लीजिये (चाशनी के टैस्ट के लिये आप एक बूद चाशनी किसी प्लेट में गिराइये, ठंडी होने पर अंगूठे और अंगुली के बीच चाशनी को चिपका कर देखिये तार निकलते हुये दिखाई देगे). चाशनी तैयार है|

कडाही मे घी गर्म करे घी गर्म हो जाने पर बेसन के घोल के 2-3 बड़े चमचे झावे के ऊपर या मोटे छेद की छ्लनी(पुनिया) पर घोल डालें।
घोल के छोटे - छोटे दाने गर्म घी में गीरते ही उपर उठ्कर आयेगें घोल को गीरने केलिये हल्का सा झट्का भी दे सकते है झरको बूदियों को सुनहरा तल लीजिये।झर को हल्का सा टेढा कर् के घी झार दीजिये। ऒर सीधे हीचाशनी में बुन्दीयों को डालदीजिये।
चाशनी में बूंदी को कल्छी से ऊपर नीचे कर दीजिये, थोड़ी ही देर में बूंदी चाशनी को शोककर मुलायम हो जाती है. कल्छी से बूंदी को ऊपर के नीचे करते रहिये. ठंडी होने पर खिली खिली मीठी बूंदी तैयार है.मीठी बूंदी में थोड़े से काजू या किशमिश भी अपनी इच्छानुसार डालकर मिला सकते हैं.

मीठी बूंदी आपके खाने के लिये तैयार है, मीठी बूंदी आप अभी खाइये और बूंदी एकदम ठंडी होने के बाद इस के लड्डू बना लीजिये
लड्डू बनाने के लिये हाथमें बुदीयों को लेकर थोडा सा दबाकर फ़िर घुमा घुमा कर लड्डू बना लीजिये
एक बार आप इस बूंदी खाकर तो देखीये फ़िर बाजार की बूदीं आप को पसदं ही नही आयेगी


Wednesday, June 8, 2011

पेठे और बादामकी बर्फ़ी


पेठे और बादाम की बर्फ़ी

सफ़ेद पेठा---२५०ग्राम

खोया---२००ग्राम

बादाम--५०ग्राम(बारीक कटे हुये)

काजू---५०ग्राम(बारीक कटे हुये)

कसी गरी--२०ग्राम

पीसी हुई ईलायची

चीनी पीसी हुई---२५०ग्राम

पीला रगं थोडा सा

पेठे को छीलकर उस के बीज निकाल दिजीये और उसे क्द्दुकस करके उबाल लिजीये चाहे तो थोडा सा पानी भी डालसकते है

पानी निकाल कर अब पेठे और खोये को अच्छी तरह से मिला लिजीये अब कडाही मे घी गरम कर के उस मेमिश्रण को भुनीयेउसमें थोडा सा रगं भी डाल दीजिये जो हल्का पीला रगं आयेगा

हल्का भुरा भून जाने पर थोडॆ से कटे हुये काजू बादाम डाल दिजीए अब बाकी बचे हुयेखोये को भी भुन लीजिये

ज्यादा सुनहरा नही होनेपाए बाकी बचे हुयेबादाम व काजू भी खोये मे मिला दीजिये।पीसी हुई चीनी दोनो में मिलाकर बारिक पीसी ईलायची मिलादें थाली में घी चारो तरफ़ लगाकर पहले कसी गरी फ़ैलादें (भुने हुये खोये के भी दो हिस्से कर लिजीये)गरीके उपर खोये को फ़ैला दीजिये।

उसके बाद मेंपेठा मिश्रण को फ़िला दिजिये,फ़िर से खोया सबसे उपर फ़िर से बची हुई गरी का मिश्रण फ़ैला दिजीये। थोडी देर जमने दीजिये

जब थोडा ठंडा हो जाये तो मनपसंद काट लिजीये।बस तैयार है पोष्टीक स्वाद से भरपूर पेठे और बादामकी बर्फ़ी


Monday, February 7, 2011


बेसन के लड्डू

ये लडडू कई दिनो तक खराब नही है और बहुत जल्दी भी बन जाते है।इन्हे आप जब भी मिठा खाने का मन करे बना सकते है


सामग्री::

सामग्री::

बेसन---४कप.

काजू--१४-१५

बादाम--१०-१२

घी--१कप

इलायची पाउडर-१ छोटा चम्मच

पीसी चीनी--२ कप

विधि:::

बेसन को छानकर रख लें। काजू और बादाम को भी बारीक काट लीजिये। कडाही को गैस पर रखे और गर्म होने पर घी डालेंघी पीघलने पर बेसन मिलाएंऔर भुनीये, थोडा भुनने पर आचं को धीमी कर दीजिये और भुनीये,सुगंध आने लगे लगेव बेसन सुनहरी हो जाये तो इलायची पाउडर मिलाएं। काजू और बादाम के टुकडॆ डाल दें और अच्छी तरह से मिलाकर आंच से उतार कर ठंडा कर लीजिये।ठंडा होने पर पीसी चीनी डाल कर अच्छे से मिला लिजीये और लड्डू बना लीजिये और टाइट डिब्बे में रखदे ये लड्डू कई दिनोतक खराब नही होते है

Friday, January 14, 2011

तिल के लड्डू

मकर संक्रांति में सूर्य का दक्षिणायन से उत्तरायण में आने का स्वागत किया जात
देश भर में लोग अलग-अलग रूपों में तिल, चावल, उड़द की दाल एवं गुड़ का सेवन करते हैं. इन सभी सामग्रियों में सबसे ज्यादा महत्व तिल का दिया गया है. किसी किसी रूप में तिल अवश्य खाना चाहिए. इस दिन तिल के महत्व के कारण मकर संक्रांति पर्व को तिल संक्राति के नाम से भी पुकारा जाता है. मंकर संक्रांति में जिन चीज़ों को खाने में शामिल किया जाता है वह पौष्टिक होने के साथ ही साथ शरीर को गर्म रखने वाले पदार्थ भी हैं.
भारतवर्ष में माघ महीने में सबसे अधिक ठंढ़ पड़ती है अत: शरीर को अंदर से गर्म रखने के लिए तिल, चावल, उड़द की दाल एवं गुड़ का सेवन किया जाता है
.तिल और गुड़ को मिलाकर बनाये गये लड्डू मकर संक्रांति पर अवश्य बनाये जाते हैं आईये हम भी बनाते हैतिल के गुड वाले लड्डू---












तिल
के लड्डू




सामग्री
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तिल सफ़ेद धूले हुये ---५००ग्राम
गुड--२५० ग्राम
तेल--२ चम्मच
विधि--- तिल को अच्छी तरह साफ कर लीजिये.ध्यान रखेकी पत्त्थर नही रह जाये।

भारी तले की कढ़ाई लेकर गरम कीजिये, मध्यम आग पर, लगातार चमचे से चलाते हुये तिल को हल्के ब्राउन होने तकभून लीजिये। तिल बहुत जल्द जल जाते हैं, ध्यान रहे कि तिल जले नहीं, जलने पर इनका स्वाद कड़वा हो जायेगा. भुने तिल निकाल कर अलग रख दीजिये।


गुड़ को तोड़कर छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिये. कढ़ाई में एक चम्मच घी डालकर गरम कीजिये, गुड़ के टुकड़े डालिये और बिलकुल धीमी आग पर गुड़ को पिघला लीजिये, गुड़ पिघलने पर आग तुरन्त बन्द कर दीजिये.

पिघले गुड़ में भुने हुये तिल डालिये और अच्छी तरह मिलाइये. गुड़ तिल के लड्डू बनाने का मिश्रण तैयार है.

हाथ से घी लगाकर चिकना कीजिये, मिश्रण से थोड़ा थोड़ा मिश्रण, लगभग एक टेबल स्पून उठाइये लड्डू गरम मिश्रण से ही बनाने पड़्ते हैं। मिश्रण ठंडा होने पर जमने लगता है और जल्दी जल्दी बनाने पड्ते है

गोल- गोल लड्डू बनाकर थाली में लगाइये, सारे मिश्रण से लड्डू बनाकर थाली में रख लीजिये.हल्के से बनाईये इन लड्डूओं को बनाना मुश्किल होता है तिल गुड़ के लड्डू तैयार हैं । तैयार लड्डू को 4-5 घंटे खुले हवा में छोड़ दीजिये, लड्डू खुश्क होने के बाद ही आप इन्हे अन्दर रक्खे।


गुड़ को तोड़कर छोटे छोटे टुकड़े कर लीजिये. कढ़ाई में एक चम्मच घी डालकर गरम कीजिये, गुड़ के टुकड़े डालिये और बिलकुल धीमी आग पर गुड़ को पिघला लीजिये, गुड़ पिघलने पर आग तुरन्त बन्द कर दीजिये.

पिघले गुड़ में भुने हुये तिल डालिये और अच्छी तरह मिलाइये. गुड़ तिल के लड्डू बनाने का मिश्रण तैयार है.

हाथ से घी लगाकर चिकना कीजिये, मिश्रण से थोड़ा थोड़ा मिश्रण, लगभग एक टेबल स्पून उठाइये लड्डू गरम मिश्रण से ही बनाने पड़्ते हैं। मिश्रण ठंडा होने पर जमने लगता है और जल्दी जल्दी बनाने पड्ते है

गोल- गोल लड्डू बनाकर थाली में लगाइये, सारे मिश्रण से लड्डू बनाकर थाली में रख लीजिये.हल्के से बनाईये इन लड्डूओं को बनाना मुश्किल होता है तिल गुड़ के लड्डू तैयार हैं । तैयार लड्डू को 4-5 घंटे खुले हवा में छोड़ दीजिये, लड्डू खुश्क होने के बाद ही आप इन्हे अन्दर रक्खे।