भारतीय खाने में अचार और चटनी का विशेष स्थान है, अगर अचार खाने के साथ रहता है तो खाने वालों की भूख बढ़ जाती है इसलिये हमारे खाने में तरह तरह के अचार का व मुरब्बे का प्रयोग रहता हैं.आइये हम अलग अलग तरह के अचार बनाते है
आम के सबसे अधिक लोकप्रिय अचार में से एक हैआम का खट्टा आचार इसे बनाना बहुत ही आसान है. आईये आज आम का अचार बनायें.
आम का खट्टा आचारसामग्री
आम ---२ किलो
नमक ---५००ग्राम
सरसों तेल ---१किलो-या ७५० ग्राम
सौंफ ---सौ ग्राम
मेथी ---५०ग्राम
हल्दी पाउडर –२० ग्राम
हींग –थोड़ी सी
सरसों दाना –100ग्राम
लाल मिर्च –50 ग्राम
अचार का मौसम चल रहा है क्यून हम भी अचार डालें हम आम का अचार डालते है।
बाजार से आम चुन कर ले आइये. साफ पानी से 2 बार धो लीजिये। पानी से निकाल कर किसी चलनी में रखें और उनका पानी सूखने दीजिये।फ़िर किसी साफ़ कपडे पर फ़ैला दीजिये ताकी पुरा पानी निकल जाये साफ़ कपडॆ से रगड के पोछ लिजीये।
अब आम को सरोते से 4,6 टुकडो में काट लिजीये आज कल बाजार मे कटे हुये भी मिल जाते है अब आम की गुठ्ली निकाल दें।
आम की फाकों में 2 टेबल स्पून नमक, 1 टेबल स्पून हल्दी पाउडर मिला कर किसी कांच या प्लास्टिक के साफ सूखे कन्टेनर में भर कर धूप में रख दीजिये दूसरे दिन आम की फ़ांक से पानी अलग हो जाये गा पानी को उसी में रहने दीजिये-बहुत से लोग सुखा अचार खाना पसंद करते है तो पानी निकाल कर आम को धूप मे ५,६ घंटे घूप मे सूखा लेते है हम यहां पे पानी नही निकाल ते है इससे रंग चटक आता है और तेल भी कम लगताहै अचार मे सरसो का तेल ही अच्छा रहता है
सरसो के तेल को गरम करे।तेल अच्छी तरह से गरम हो जाये (जब झाग आने बन्द हो जायेतो) ठंडा करने के लिये रखदे
सभी मसालों को साफ कीजिये,आचार के सारे मसाले एक एक कर भून लीजिये और दरदरा पीस लीजिये, पीली सरसों को भी मोटा पीस लीजिये बस सरसो और मगरैल को भुनना नही है मगरैल को पीसना नही है बस साफ़ कर के अचार मे मिला दीजीए अब सब भुने मसालों को कटे आम में मिलाकर रख दीजिये
अचार मे मसाले अच्छी तरह से लग जाये इस लिये १-२ घटें के लिये रख दीजिये
फ़िर अचार में तेल डालें तेल इतना डालें की आचार डूब जाएँ
आम का अचार निकालिये, परोसिये और खाइये. ये अचार साल भर तक रख कर खाया जा सकता है.










